वेंकी रामाकृष्णन: लंबी उम्र जीने का विज्ञान और उसका हाइप (Hindi version)
हम वाकई कितने करीब हैं हमेशा के लिए जीने के? लॉन्जेविटी (लंबी उम्र) आज दुनिया के सबसे चर्चित विषयों में से एक बन गया है—इसमें भारी निवेश हो रहा है और ज़्यादा जीने के तरीकों को लेकर राय की कोई कमी नहीं। विज्ञान को हाइप से अलग करने के लिए निकोलाई टैंगन बात करते हैं सर वेंकी रामाकृष्णन से—रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेता, रॉयल सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष, और Why We Die के लेखक। दोनों समझते हैं कि बुढ़ापा असल में है क्या, क्यों इंसान की अधिकतम उम्र में मुश्किल से ही कोई बदलाव आया है, सेल्युलर रिप्रोग्रामिंग की संभावनाएं और उसकी सीमाएं, और लंबी उम्र वाले समाज से जुड़े नैतिक सवाल। वेंकी उन आसान आदतों के बारे में भी बताते हैं जो सबसे ज़्यादा मायने रखती हैं: नींद, संयम और व्यायाम। जीवन, मृत्यु और उनके बीच की हर बात पर एक साफ़-नज़रिए वाली बातचीत के लिए ज़रूर सुनें!